उदयपुर: लूट के इरादे से महिला की निर्मम हत्या, पैर और गर्दन काटकर निकाले चांदी के कड़े-सांकली

उदयपुर।

नाई थाना क्षेत्र के बडंगा गांव में शुक्र वार शाम को खेत में मक्का की कटी फसल को एकत्रित करने में लगी महिला की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। आरोपी महिला का एक पैर काट कर चांदी का कड़ा और गर्दन रेंत कर चांदी की सांकली लूट ले गया। वारदात की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण एकत्रित हो गए और पुलिस को बुलाया। वारदात से गांव में सनसनी फैल गई। आक्रोशित परिजनों ने खेत से शव नहीं उठाया।

 

थानाधिकारी भगवतीलाल ने बताया कि शुक्रवार शाम को बडंगा निवासी राजूड़ी और उसका पति देवा गमेती खेत में काम कर रहे थे। पति मक्के के पूले को घर रखकर लौटा तो देखा कि उसकी पत्नी की लाश खून से लथपथ हालत में पड़ी है। उसका एक पैर कटा हुआ था और गर्दन को धारदार हथियार से काट दिया गया था। पुलिस का मानना है कि संभवत: महिला के पति के आने की भनक लगने से आरोपी जो जेवर हाथ जेवर लगे, उन्हें ही लेकर फरार हो गए।

 

पहले भी हुई इस तरह वारदात
उदयपुर जिले में भोईयों की पंचोली, साकरोदा, भैंसड़ा गांव में पहले भी पैर काटकर चांदी के कड़े लूटने की वारदातें हो चुकी हैं।

 

... इधर, 30 घंटे बाद मिला कुएं में कूदे व्यक्ति का शव

उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र के ईसवाल गांव में तनाव के चलते कुंए में कूदकर आत्महत्या करने वाले व्यक्ति का शव शुक्रवार शाम को निकाल लिया गया। एसडीआरएफ टीम, पुलिस और गोताखोरों की ओर से करीब 10 घंटे तक रेस्क्यू चलाया गया तब जाकर शव मिला। मृतक चम्पासिंह 40 पुत्र मानसिंह ईसवाल का रहने वाला था। मजदूरी पेशा होने के साथ साथ वह नशा भी करता था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि चम्पासिंह गुरूवार सुबह करीब 11 बजे आधी मुंडेर वाले कुंए के पास पहुंचा और उसने उसमें छलांग लगा दी। ग्रामीणो की सूचना पर परिजन दौड़े लेकिन वह डूब गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव निकालने के प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर शुक्रवार सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर शव निकाला गया।

 

8 घंटे में खाली किया कुआ, तब निकली लाश
कुएं की गहराई करीब150 फीट थी और उसमें 40 फीट पानी भरा हुआ था। गहराई ज्यादा होने से शव बलाई में नहीं फंस रहा था। एसडीआरएफ की टीम पहुंची लेकिन वह भी पानी में गोता नही लगा रहे थे। जहरीली गैस होने का डर भी सता रहा था। इस पर स्थानिय निवासी आनंद परिहार उदयपुर से गोताखोर को लेकर पहुंचे और सर्च अभियान तेज किया। कुंए में 4 मोटर पम्प 8 घंटे तक लगातार चलाकर पानी खाली किया गया तब मलबे में फंसा शव निकाला जा सका।