उदयपुर में बैठकर कर रहे थे अमेरिकीवासियों से ठगी, 8वीं पास फर्राटेदार बोल रहा था अंगे्रजी

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
बीएन कॉलेज के सामने स्थित सेंटर प्वाइंट कॉम्पलेक्स के तीसरे माले पर चले रहे फर्जी कॉल सेन्टर पर भूपालपुरा थाना पुलिस ने रविवार देर रात छापा मारकर पूर्वोत्तर भारत के 24 युवाओं को गिरफ्तार किया। संचालक भनक लगने से भाग छूटे। पुलिस ने तीन संचालकों को नामजद किया। पकड़े गए सभी युवा अमरीका के सामाजिक सुरक्षा प्रशासनिक विभाग के कर्मचारी बनकर अमरीकियों से उनके सोश्यल सिक्यूरिटी कार्ड व टैक्स-पे कार्ड अपडेट करने के नाम पर कूपन खरीदवाने के बाद ऑनलाइन ठगी कर रहे थे।एसपी कैलाशचन्द्र विश्नोई ने बताया कि सभी युवा 15 से 20 हजार के वेतन में 1 से 6 माह से यहां काम कर रहे थे। सभी की उम्र महज 18 से 22 साल है। ये 8 से 10वीं कक्षा तक पढ़े-लिखे हैं। सभी आरोपी असम, मेघालय, नागालेंड के है। संचालक इन्हें अंगे्रजी भाषा की स्क्रीप्ट तैयार कर अमरीकियों को फंसा कर प्रतिदिन डॉलर में कमाई कर रहा है। भारतीय मुद्रा के अनुसार अनुमानत: प्रतिदिन करीब तीन से पांच लाख रुपए कमाई हो रही थी।
--
शाम सात से तडक़े 5 बजे तक काम
शहर के बीचोंबीच 6 माह से चल रहे इस कॉल सेन्टर में सभी के निक नेम थे जो शाम 7 से तडक़े 5 बजे तक काम कर रहे थे। सभी का खाना-पीना व नाश्ता उनके टेबल पर ही पहुंच रहा था। कॉल सेन्टर के बारे में मुखबिर से सूचना मिलने पर प्रशिक्षु आरपीएस नूर मोहम्मद, एएसआई अर्जुनसिंह, हेड कांस्टेबल राजेश मेहता, मुकेश शर्मा, वसरानाम मय टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। छापे की कार्रवाई के दौरान सभी युवा अति व्यस्त मिले जो पुलिस के पहुंचने पर भी भागे नहीं। पूछताछ में उन्होंने छह माह के अंतराल में अलग- अलग समय यहां आना बताया। पुलिस ने मौके से काफी मात्रा में कम्प्यूटर, लेपटॉप व मोबाइल जब्त कर धोखाधड़ी व आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया। देर रात को सभी आरोपियों व जब्त सामान को ट्रकों में भरकर थाने लाने की तैयारी की जा रही थी।
---

स्क्रीप्ट देखकर बोलते फर्राटेदार अंग्रेजी
महज 8वीं व 10वीं पास आरोपी अंग्रेजी भाषाओं के जानकार नहीं होने के बावजूद फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। वे कम्प्यूटर स्क्रीन पर स्क्रीप्ट खोलकर धड़ल्ले से ठगी कर रहे हैं। युवा ने बताया कि अब तक कइयों ने संचालक को 10-10 हजार डॉलर कमा कर दिया है। कुछ ठगी के प्रयास में सफल नहीं हो पाने से प्रतिदिन डांट खाते हैं। कई तो ऐसे हैं जो दो-पांच दिन पहले ही यहां आए। जो युवा छह माह से जो काम रहे हैं, उनमें से कुछ ने बताया कि उन्हें कुछ समय के बाद ही इस गैर कानूनी काम का पता चल गया था लेकिन गरीबी व लगातार नए साथियों के आने से वे इससे बाहर नहीं निकल पाए।
--
अमरीकियों की तरह ही इनके नाम
झांसा देने के लिए युवाओं ने अमरीकियों की तरह स्टीव, डेविड, विल्सन, एलेक्सन, स्टीफन, विक्टर, मैक्स, जॉन, डेनियल, एडवर्ड, केल्विन, जैनी, जार्डन, एंथोनी, फरेरा, विलियम, यूविस, एंथनी, मिलर, मार्क स्मिथ, रिक्की, बैंजामिन, बॉब, डेनियल, माइक व जॉनसन आदि नाम रख रखे थे। -- चुका रहे थे एक लाख रुपए किराया भूपालपुरा व प्रतापनगर थाना पुलिस ने पिछले चार माह में यह तीसरा बड़ा कॉल सेन्टर पकड़ा है। पूर्व में दो सेंटर पकड़े जाने के बावजूद संचालक बेखौफ थे। संचालक सेंटर के किराये के रूप में एक लाख रुपए प्रतिमाह चुका रहा था।