उदयपुर के इस ह‍िस्‍ट्रीशीटर के पकड़ में आने पर हो रहे सनसनीखेज खुलासे…गुजरात के बिल्डर की सुपारी ले फायर करने का उगला सच..

मो. इलियास/उदयपुर . हिरणमगरी थाने के हिस्ट्रीशीटर नरेन्द्र पानेरी ने अहमदाबाद में लतीफ गैंग के शातिर आरोपी नजीर बोहरा की पांच लाख रुपए में हत्या की सुपारी ली थी। पानेरी ने जून में वहां जाकर आरोपी पर दो फायर भी किए थे लेकिन वह बाल-बाल बच गया। स्पेशल टीम प्रभारी गोवर्धनसिंह भाटी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर हिरणमगरी सेक्टर-6 निवासी नरेन्द्र पुत्र मांगीलाल पानेरी को गत दिनों डबोक थाना क्षेत्र में पिस्टल लेकर वारदात करने जाते हुए गिरफ्तार किया था। सूचना पर अहमदाबाद पुलिस ने आरोपी से डबोक थाने में पूछताछ की थी। बताया कि गत 17 जून को किसी अज्ञात ने लतीफ गैंग के साथी नजीर बोहरा पर फायर किया था। फायङ्क्षरग में वह बाल-बाल बच गया था। जांच में पता चला कि यह फायरिंग नजीर के जीजा मुस्तफा लाला ने उदयपुर के नरेन्द्र से करवाई थी। पुलिस ने लाला को नामजद किया। इधर, नरेन्द्र के पकड़ में आने पर उससे पूछताछ की। गौरतलब है कि गत दिनों स्पेशल टीम ने डबोक व प्रतापनगर थाना पुलिस के सहयोग से हिस्ट्रीशीटर नरेन्द्र व उसके साथी धीरेन्द्र मेनारिया व उमेश मेनारिया को दो लोडेड पिस्टल व कारतूस सहित पकड़ा था।


जेल में हुई थी मुस्तफा से दोस्ती

पुलिस ने बताया कि वर्ष 2012 में सुखेर थाना पुलिस ने एक टैक्सी चालक की हत्या के मामले में अहमदाबाद निवासी मुस्तफा लाला को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल में उसकी मुलाकात हुकुमसिंह हत्याकांड के आरोपी नरेन्द्र पानेरी से हुई थी। दोस्ती होने पर दोनों एक-दूसरे के सम्पर्क में थे। मुस्तफा की शादी अहमदाबाद में ही लतीफ गैंग के नजीर बोहरा की बहन से हुई थी। मुस्तफा ने उसे छोड़ते हुए मलेशिया में दूसरा विवाह कर दिया। इससे मुस्तफा व नजीर के बीच दुश्मनी हो गई। मुस्तफा ने नजीर को निपटाने के लिए नरेन्द्र को पांच लाख में सुपारी दी।

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गाड़ी को टक्कर मार किया था फायर
नरेन्द्र व मुस्तफा ने 17 जून को तडक़े नजीर के घर के बाहर ही रैकी करते रहे। तडक़े पांच बजे नजीर नमाज के निकला तो दोनों आरोपियों ने अपनी गाड़ी से नजीर की बाइक को टक्कर मारकर उसे गिरा दिया। आरोपियों ने कार कुछ आगे जाकर रोकी तब तक नजीर उठकर गलियों में भाग गया। आरोपियों ने उस पर दो फायर भी किए लेकिन वह भाग निकला। भागते समय नजीर ने मुस्तफा को पहचान लिया था। उसने वहां पुलिस को इसकी जानकारी दे दी थी। नजीर शराब तस्कर लतीफ गैंग का सदस्य होकर अभी बड़ा बिल्डर है। उसके विरुद्ध वहां दो हत्या सहित करीब 34 मुकदमे दर्ज है। नरेन्द्र को नजीर के अपराधिक रिकॉर्ड के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं थी। गुजरात पुलिस ने उसे करीब डेढ़ से दो घंटे पूछताछ की।