उदयपुर के अधिवक्ताओं का गुस्सा चरम पर: पूरे दिन चैंबर में बैठकर किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार

उदयपुर (भीण्डर). राजस्थान हाइकोर्ट की एडीजे भर्ती परीक्षा में वकील कोटा समाप्त करने सहित अन्य मुद्दों को लेकर अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के इशारे पर मंगलवार को अदालती कार्य का बहिष्कार किया। विरोध के माध्यम से ही अधिवक्ताओं ने अन्य मांगों को लेकर भी मोर्चा खोल दिया। इस कड़ी में भीण्डर बार एसोसिएशन अध्यक्ष कैलाश चौबीसा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। साथ ही सरकार की ओर से वकील कल्याण के लिए ५ हजार करोड़ का प्रस्ताव पारित कराने की बात कही। लक्ष्मणगिरी गोस्वामी, सुशील जैन, निर्मलसिंह, सुरेन्द्र चौबीसा, विकास चौबीसा, दीपक आमेटा, कमलेश खटीक, प्रकाश चौधरी एवं अन्य मौजूद थे।

धरियावद: बार अध्यक्ष मोहम्मद रफीक के नेतृत्व मेंं अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी रामचंद्र खटीक को ज्ञापन सौंपा। वकील कोटे से छेड़छाड़ करने, 23 व 24 फरवरी को प्रस्तावित एडीजे भर्ती परीक्षा रद्ध करने, देश के बार एसोसिएशन के चैम्बर भवन, बैठक व्यवस्था, लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी, कम दर पर जमीन उपलब्ध कराने, अक्षम वृद्ध अधिवक्ताओं को पेंशन देने, लोक अदालतों का कार्य अधिवक्ताओं के जिम्में करने, अधिवक्ताओं के लिए जीवन बीमा सहित अन्य मांगों पर विचार करने की बात कही। वरिष्ठ अधिवक्ता करणसिंह कोठारी, ताज मोहम्मद, सरफराज, बार उपाध्यक्ष नितेश डुंगावत, हरिसिंह कोठारी, कमलेश नागौरी, पुष्करलाल मेघवाल, हरीश मेघवाल, महेश पुरी, मुन्नवर हुसैन, छत्रपालसिंह, केशूलाल मीणा, तपन कोठारी, आशा मेघवाल, मांगीलाल गायरी एवं अन्य मौजूद थे।
मावली(निप्र): बार एसोसिएशन के महासचिव दीपक बडग़ुर्जर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने यहां प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री के नाम मावली तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इसमें बीमा, मेडिकल स्पेशन कार्ड बनाने, ५ वर्षीय प्रेक्टिस वाले अधिवक्ता को मासिक १० हजार रुपए फंड देने, अधिवक्ता के आकस्मिक निधन पर परिवार को पेंशन देने, संसद में अधिवक्ता सुरक्षा एक्ट पास कराने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की। एसोसिएशन अध्यक्ष शंकर डांगी, सचिव शैलेष मीणा, भंवरलाल ओस्तवाल, जोधसिंह, चंद्रपुरी गोस्वामी, दशरथसिंह, पवन सेन, दिलीप वैष्णव, अशोक सेन, नरेन्द्र वीरवाल, हीरालाल, भेरूलाल जाट एवं अन्य मौजूद थे।
झाडोल: बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आंदोलन को समर्थन देते हुए स्थानीय अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। साथ ही न्यायिक कार्य बहिष्कार किया। स्थानीय बार अध्यक्ष रूपेंद्रसिंह झाला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पूरा दिन उनके चैंबर में गुजारा।