इंसानी शव आखिर कैसे बन गया गठरी, जब लोगों ने आकर देखा तो रह गए दंग…

उदयपुर . कुंडा गांव के रामुआ फला में मिले इंसानी पंजे का राज खुल गया है। 40 पुलिसकर्मी, 125 ग्रामीण पिछले कई दिनों से 10 किलोमीटर क्षेत्र में जिस शव को ढूंढ रहे थे, वह मृतक के घर से आधा किलोमीटर दूर पहाड़ी पर मिला।। पत्रिका में खबर प्रकाशन के बाद पुलिस ने पिछले चार दिनों से यहां खोजबीन की तो आखिरकार शुक्रवार को गांव से लापता एक किशोर का सड़ा-गला शव बरामद किया जा सका। किशोर के घर के पीछे स्थित पहाड़ी पर उसका शव मिला। पास ही स्थित एक पेड़ पर फंदा लगा था। सेमारी थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह से पुलिस की टीमें सराड़ा, परसाद, जावर माइंस में ग्रामीणों के साथ गांव के आसपास की पहाडिय़ों को छान रही थी। तभी दोपहर में पहाड़ी पर पेड़ के नीचे कपड़ों में सड़ा हुआ कंकाल नजर आ गया। मृतक ने आत्महत्या की या ओर कोई ओर वजह यह अनुसंधान के बाद सामने आएगा। शव मिलने के बाद गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई। लोग मौके पर एकत्रित हो गए। पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए और शव को गठरी में बंाध मोर्चरी पहुंचाया। शनिवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम होगा। हीरालाल के शव के अवशेष पुलिस पोस्टमार्टम के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। रास्ता रोक दिया। थानाधिकारी मुकेश कुमार, भरत कुमार, रतन सिंह ने समजाइश कर रास्ता खुलवाया।

 

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कहानी यह है
गांव से 16 वर्षीय किशोर गत 2 मार्च से लापता हो गया। बाद में यहां 11 मार्च को इंसानी पंजा मिला। परिजनों ने पंजा लापता किशोर का ही होने का अंदेशा जताते हुए मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने किशोर के परिचितों व मित्रों से भी पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार को शव मिला, जो गठरी नुमा हो गया। पूरा शव सड़ गया और मात्र किशोर के कपड़े ही बचे। दूर से ऐसा लगा जैसे कोई कपड़े पड़े हैं, लेकिन कंकाल और बदबू से शव के बारे में पता चला। मृतक की जेब में मिले मोबाइल और आधार कार्ड से शव की शिनाख्त 2 मार्च से लापता हिरालाल पुत्र भेरूलाल मीणा के रूप में हुई। पुलिस ने शव को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। इससे पहले पुलिस पंजा मिलने के बाद परिजनों का डीएनए टेस्ट करवाने का मन भी बना लिया था।