आश्वासन के बाद तीसरे दिन भूख हड़ताल खत्म

कन्हैया लाल सोनी/सलूम्बर. कस्बे के हाड़ा रानी महाविद्यालय में सीटों में बढ़ोतरी और प्रवेश तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर तीन दिन से चल रही छात्रों की भूख हड़ताल उपखंड अधिकारी के आश्वासन के बाद में शुक्रवार को खत्म हुई। मांगों को लेकर एबीवीपी से अनिल मेघवाल व रोहित पूर्बिया बुधवार से हड़ताल पर थे। दो दिन तक हड़ताल के बाद भी उनकी मांगों पर प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर समर्थक विद्यार्थी आक्रोशित हो गए और कॉलेज मेन गेट पर तालाबंदी कर दी। हालांकि इससे पूर्व गुरुवार देर रात को पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का मेडिकल करवाया, जिसमें छात्रों की हालत में कमजोरी देखी गई। छात्रों की बिगड़ती तबीयत देखते हुए तहसीलदार नारायण लाल जीनगर मौके पर पहुंचे और हड़ताली छात्रों को अस्पताल ले जाने की बात कही, लेकिन छात्रों ने इलाज करवाने से मना कर दिया था।

लिखित में आश्वासन पर माने छात्र

छात्रों की हड़ताल शुक्रवार सुबह भी जारी रही। समर्थकों ने गेट बंद कर उप प्राचार्य और स्टाफ को अंदर नहीं आने दिया। इस पर उपखंड अधिकारी प्रकाश चंद रेगर, तहसीलदार नारायण लाल जीनगर व नायाब तहसीलदार मौके पर पहुंचे व छात्रों से समझाइश की। उपखंड अधिकारी ने मांगों को पूरा करवाने को लेकर लिखित में आश्वासन देकर उनकी भूख हड़ताल खत्म करवाई।

सीटें बढ़ाने की मांग
धरियावद . भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के तत्वावधान में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को प्रतापगढ़ जिला कलक्टर को छह सुत्रीय ज्ञापन दिया। ज्ञापन महाविद्यालय में संकाय व सीटें बढ़ाने, जनजाति के लिए ४५ प्रतिशत सीट आरक्षण, महाविद्यालय को क्रमोन्नत करने आदि की मांग की गई।

भींडर में सरकारी महाविद्यालय की मांग
कस्बे में राजकीय महाविद्यालय की मांग को लेकर भाजपा देहात जिला प्रवक्ता विनोद मौर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम भींडर तहसीलदार को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र में लोगों की बरसों से महाविद्यालय खोलने की मांग होती रही है। भींडर पंचायत समिति क्षेत्र में एक भी सरकारी महाविद्यालय नहीं है। वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में भींडर, कानोड़ नगरपालिका सहित लगभग सौ से ज्यादा उच्च माध्यमिक विद्यालय है और प्रतिवर्ष लगभग ढ़ाई हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिए निजी महाविद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ता है। एेसे में भींडर में सरकारी महाविद्यालय खुलता है तो क्षेत्र के विद्यार्थियों को फायदा होगा।