आरटीओ ने अपने फायदे के लिए करोड़ों रुपए की शासकीय भूमि को सौंप दिया प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के हवाले

मेवाड़ किरण @ नीमच -



जिला परिवहन कार्यालय में भयंकर दलाल राज, पूरे जिले में अवैध भारी वाहनों का परिवहन, बिना परमिट के चलने वाली जीप बस, बसों में अवेध माल परिवहन, सीमेंट अंडर लोडिंग ओवरलोडिंग जैसे करोड़ों रुपए के अवैध कारोबार को अपने संरक्षण में बढ़ावा देने वाली जिला परिवहन अधिकारी बरखा गौड के कार्यकाल में एक और बड़ा अवैध क्रियाकलाप का मामला सामने आया है। यह मामला है रोडवेज बस स्टैंड के समीप स्थित राज्य परिवहन बस निगम के वर्क शॉप डिपो का।
दरसल रोडवेज की बसें बंद होने के बाद रोडवेज बस स्टैंड के समीप स्थित वर्कशॉप को शासन ने परिवहन अधिकारी की निगरानी में रखा था, लेकिन नीमच जिले की परिवहन अधिकारी बरखा गौड ने उक्त वर्कशॉप भवन क्षेत्र को निजी बस संचालकों के हवाले छोड़ दिया, जहां रोजाना बड़ी संख्या में निजी बसें खड़ी रहती हैं और उनमें अवैध रूप से लोडिंग अनलोडिंग का काम किया जाता है और इस माल में काफी माल अवैध भी होता है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार शासन के इस डिपो और जमीन का उपयोग करने के लिए स्थानीय स्तर पर एक कर्मचारी बस संचालकों से मोटी उगाई करता है, जिसका बड़ा हिस्सा परिवहन अधिकारी तक पहुंचता है। अपने निजी हित के चलते परिवहन अधिकारी ने अपने कार्यकाल में शासकीय जमीन के दुरुपयोग पर रोक नहीं लगाई और करोड़ों रुपए के शासकीय भवन और जमीन का दुरपयोग निजी बस संचालक कर रहे हैं जिसके चलते आरटीओ को तो काफी बड़ा निजी मुनाफा हुआ लेकिन शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। क्या सरकार के जिम्मेदार इस मामले में जांच बिठाकर आरटीओ से दंड स्वरूप राजस्व वसूली करेंगे।

Source : Apna Neemuch