आयुक्त के लेटर के बाद जिले के शिक्षा अधिकारियों की क्यों बढ़ी टेंशन पढ़े यहां…

 

न्यायालय के निर्णय बाद विभाग जागा, अब मांगे मूल्याकंन सुधार के सुझाव
मंदसौर.
हायर सेंकडरी और हाईस्कूल की परिक्षाओं में उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्याकंन में त्रुटियां की गई है। जिसको लेकर न्यायालय द्वारा निर्णय दिए गए। इसके बाद लोक शिक्षण विभाग के आलाअधिकारियों ने इस ओर ध्यान आकृष्ट किया। लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत ने हाल ही में ही सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा कि कतिपय मूल्याकंन कर्ताओं द्वारा विगत वर्षों में मूल्याकंन में असावधानी के कारण न्यायालय द्वारा दिए गए प्रतिकूल निर्णयों से माध्यमिक शिक्षा मंडल तथा विभाग की छवि धूमिल होती है। मूल्याकंन की प्रक्रिया को सुदृढ करने के उद्देश्य से सुधार के लिए मूल्याकंन केंद्र अधिकारियों एवं मुख्य परिक्षकों से सुझाव आमंत्रित किए जाना है। १५ जनवरी को मूल्याकंन केंद्र अधिकारी मंडल के हाईस्कूल और हायरसेंकडरी परीक्षा के समस्त विषयों के मुख्य व उपमुख्य परिक्षकों की बैठक ली जाए। बैठक में मूल्याकंन के सुझाव लिए जाए। जो १९ जनवरी को भेजे। वहीं आगामी माह में कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।
प्रारूप में मांगा नाम से लेकर अनुभव व पद की जानकारी
जानकारी के अनुसार दिए गए प्रारूप में संबंधित शिक्षा अधिकारी का नाम, पद, संस्था का नाम, शैक्षणिक योग्यता, विषय और शैक्षणिक अनुभव भी मांगा है। इसके अलावा सुझाव के लिए जगह दी गई है। जिसमें शिक्षा अधिकारियों को सुझाव लिखना है।
इनका कहना.....
जिला शिक्षा अधिकारी आरएल कारपेंटर ने कहा कि मूल्याकंन के सुझाव को लेकर आयुक्त का पत्र मिला है। १५ जनवरी को मूल्याकंन केंद्र अधिकारी मंडल के हाईस्कूल और हायरसेंकडरी परीक्षा के समस्त विषयों के मुख्य व उपमुख्य परिक्षकों की बैठक ली जाएगी। जो प्रारूप दिया गया है उसमें सुझाव लिए जाएंगे। उसके बाद १९ जनवरी तक उन सुझावों को भेजना है। जिसे भेज दिए जाएंगे। उसके बाद एक कार्यशाला भी आयोजित विभाग के द्वारा की जाएगी। उसमें भी मूल्याकंन ही प्रमुख विषय रहेगा।