आंखों में मिर्च पाउडर डालकर एटीएम पर दिन-दहाड़े साठ लाख की डकैती

-सामने आई बैंक गार्ड की घोर लापरवाही
-ठेका कंपनी के दो कर्मचारी एटीएम में नकदी डालने आए थे
- तीन-चार दिन से की जा रही थी रैकी
-डकैतों ने किए तीन फायर और कार में बैठकर हो गए फरार
चित्तौडग़ढ़
चित्तौडग़ढ़ के प्रताप नगर इलाके में शनिवार को सुबह स्टैट बैंक ऑफ इण्डिया के एटीएम में नकदी डालने आए ठेका कंपनी के दो कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर पांच डकैत साठ लाख रूपए की नकदी रखा बैग ले गए। जाते समय एटीएम के बाहर डकैतों ने तीन हवाई फायर किए। अचानक हुए फायरिंग के धमाकों से आस-पास के लोग सन्न रह गए। गोली के खोळ मौके पर पड़े मिले, जिन्हेंं पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए। इस वारदात ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी है।
जानकारी के अनुसार स्टैट बैंक ऑफ इण्डिया में मुंबई की एक कंपनी का बैंक से नकदी लाकर एटीएम में डालने का ठेका है। कंपनी के कर्मचारी सुरेश व प्रकाश शनिवार को सुबह ११ बजे बाद बैंक से नकदी लेकर प्रताप नगर स्थित एटीएम में डालने आए थे। इन्होंने कुछ नकदी एटीएम में डाल दी। इसी दौरान कार में सवार होकर आए पांच बदमाश एटीएम में घुस गए। बदमाशों ने सुरेश और प्रकाश को पहले पिस्टल दिखाई और बाद में उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और उनके पास करीब साठ लाख रूपए की नकदी रखा बैग लेकर बाहर आ गए।
फिल्मी स्टाइल में किए तीन फायर
एटीएम से बाहर आते ही बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में पिस्टल से एक के बाद एक तीन फायर किए और कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। देखते ही देखते हुई इस वारदात के बारे में लोगों को भनक तक नहीं लग पाई। फायरिंग के धमाकों की आवाज आने पर लोगों ने इसे आपसी-लड़ाई झगड़ा समझ लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद एटीएम में नकदी रखने आए युवकों के चिल्लाने पर लोगों को डकैती होने के बारे में पता चला।
सुबह ११.१७ बजे सीसीटीवी में कैद हुई डकैतों की कार
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में फुटेज खंगाले तो पता चला कि डकैत एटीएम के निकट सुबह ११.१७ बजे कार लेकर पहुंच गए थे। बदमाशों ने वहां कार से दो-तीन चक्कर भी लगाए। कार सुबह ११.३६ बजे तक वहां खड़ी देखी गई। कार के शीशे काले होने के कारण इसमें बैठा कोई भी बदमाश नजर नहीं आ रहा था। इस दौरान बदमाश दो-तीन बार कार की फाटक खोलते हुए भी सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए, लेकिन कोई भी कार से बाहर नहीं निकला।
सिर्फ चार मिनट में साठ लाख का खेल
डकैतों ने सिर्फ चार मिनट में ही डकैती की वारदात को अंजाम दे दिया और वहां से फरार हो गए। यह वारदात सुबह ११.५३ बजे हुई और बदमाश ११.५७ बजे कार में बैठकर भाग छूटे। नकदी डालने आए युवकों के चिल्लाने पर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस उप अधीक्षक अशोक बुटालिया, सदर थाना प्रभारी नवनीत बिहारी व्यास व पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंच गया। पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल भी मौके पर पहुंचे और वारदात के बारे में जानकारी ली।
मदद के लिए कोई आगे नहीं आया
डकैती के शिकार हुए युवकों का कहना था कि डकैती की वारदात के दौरान वे खूब चिल्लाए लेकिन आसपास के कोई लोग मदद के लिए आगे नहीं आए। वहीं लोगों का कहना था कि डकैतों के हाथ में पिस्टल थी और वे फायर कर रहे थे, ऐसे में कौन अपनी जान जोखिम में डालता। बाद में दोनों युवकों को पुलिस सदर थाने ले गई, जहां पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में उनसे जानकारी जुटाई गई। चित्तौडग़ढ़ सहित आसपास के जिलों में नाकाबंदी करवा दी गई है।
बैंक से आई गाड़ी के साथ चला गया गार्ड
जानकारी में यह भी बात सामने आई है कि सुरेश और प्रकाश नकदी लेकर बैंक की गाड़ी में एटीएम तक पहुंचे थे और सशस्त्र गार्ड भी साथ आया था, लेकिन इन दोनों को एटीएम पर छोड़कर गाड़ी के साथ गार्ड भी वहंा से चला गया। जबकि नियमानुसार नकदी डालने से पहले एटीएम का शटर बंद किया जाता है। कर्मचारी अन्दर जाकर एटीएम में नकदी डालते है और यह प्रक्रिया पूरी होने तक सशस्त्र गार्ड एटीएम के बाहर पहरा देता है, लेकिन शनिवार को यह प्रक्रिया नहीं अपनाने के कारण बदमाश डकैती की वारदात को अंजाम देने में सफल हो गए।
तीन-चार दिन से देखी जा रही थी काले शीशे लगी कार
क्षेत्र के लोगों का कहना था कि काले शीशे लगी हुई कार क्षेत्र में पिछले तीन-चार दिन से देखी जा रही थी, लेकिन किसी का भी ध्यान इस तरफ नहीं गया। शनिवार को वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश काले शीशे लगी कार लेकर ही एटीएम के पास पहुंचे थे।
नकाबपोश नहीं थे डकैत
प्रत्यक्षदर्शियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि डकैती को अंजाम देने वाले बदमाशों के चेहरे खुले हुए थे। उनके चेहरों पर नकाब नहीं था, इसलिए भी लोगों को उन पर शक नहीं हुआ। लेकिन अचानक हुए फायरिंग के धमाकों से आसपास के लोग खौफजदा हो गए और कोई भी डकैतों को ललकारने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
लॉरी वाला बोल, मैं तो खड़ा हो गया था
एटीएम के ठीक सामने आलू टिकिया की लॉरी लगाने वाले व्यक्ति का कहना था कि उसे वारदात के बारे में तो कुछ पता नहीं चला, लेकिन गोली चलने से हुए धमाके से वह डर कर एकदम खड़ा हो गया, जब तक डकैत कार में बैठकर भाग छूटे थे।आंखों में मिर्च पाउडर डालकर एटीएम पर दिन-दहाड़े साठ लाख की डकैती
-सामने आई बैंक गार्ड की घोर लापरवाही
-ठेका कंपनी के दो कर्मचारी एटीएम में नकदी डालने आए थे
- तीन-चार दिन से की जा रही थी रैकी
-डकैतों ने किए तीन फायर और कार में बैठकर हो गए फरार
चित्तौडग़ढ़
चित्तौडग़ढ़ के प्रताप नगर इलाके में शनिवार को सुबह स्टैट बैंक ऑफ इण्डिया के एटीएम में नकदी डालने आए ठेका कंपनी के दो कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर पांच डकैत साठ लाख रूपए की नकदी रखा बैग ले गए। जाते समय एटीएम के बाहर डकैतों ने तीन हवाई फायर किए। अचानक हुए फायरिंग के धमाकों से आस-पास के लोग सन्न रह गए। गोली के खोळ मौके पर पड़े मिले, जिन्हेंं पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए। इस वारदात ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी है।
जानकारी के अनुसार स्टैट बैंक ऑफ इण्डिया में मुंबई की एक कंपनी का बैंक से नकदी लाकर एटीएम में डालने का ठेका है। कंपनी के कर्मचारी सुरेश व प्रकाश शनिवार को सुबह ११ बजे बाद बैंक से नकदी लेकर प्रताप नगर स्थित एटीएम में डालने आए थे। इन्होंने कुछ नकदी एटीएम में डाल दी। इसी दौरान कार में सवार होकर आए पांच बदमाश एटीएम में घुस गए। बदमाशों ने सुरेश और प्रकाश को पहले पिस्टल दिखाई और बाद में उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और उनके पास करीब साठ लाख रूपए की नकदी रखा बैग लेकर बाहर आ गए।
फिल्मी स्टाइल में किए तीन फायर
एटीएम से बाहर आते ही बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में पिस्टल से एक के बाद एक तीन फायर किए और कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। देखते ही देखते हुई इस वारदात के बारे में लोगों को भनक तक नहीं लग पाई। फायरिंग के धमाकों की आवाज आने पर लोगों ने इसे आपसी-लड़ाई झगड़ा समझ लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद एटीएम में नकदी रखने आए युवकों के चिल्लाने पर लोगों को डकैती होने के बारे में पता चला।
सुबह ११.१७ बजे सीसीटीवी में कैद हुई डकैतों की कार
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में फुटेज खंगाले तो पता चला कि डकैत एटीएम के निकट सुबह ११.१७ बजे कार लेकर पहुंच गए थे। बदमाशों ने वहां कार से दो-तीन चक्कर भी लगाए। कार सुबह ११.३६ बजे तक वहां खड़ी देखी गई। कार के शीशे काले होने के कारण इसमें बैठा कोई भी बदमाश नजर नहीं आ रहा था। इस दौरान बदमाश दो-तीन बार कार की फाटक खोलते हुए भी सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए, लेकिन कोई भी कार से बाहर नहीं निकला।
सिर्फ चार मिनट में साठ लाख का खेल
डकैतों ने सिर्फ चार मिनट में ही डकैती की वारदात को अंजाम दे दिया और वहां से फरार हो गए। यह वारदात सुबह ११.५३ बजे हुई और बदमाश ११.५७ बजे कार में बैठकर भाग छूटे। नकदी डालने आए युवकों के चिल्लाने पर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस उप अधीक्षक अशोक बुटालिया, सदर थाना प्रभारी नवनीत बिहारी व्यास व पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंच गया। पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल भी मौके पर पहुंचे और वारदात के बारे में जानकारी ली।
मदद के लिए कोई आगे नहीं आया
डकैती के शिकार हुए युवकों का कहना था कि डकैती की वारदात के दौरान वे खूब चिल्लाए लेकिन आसपास के कोई लोग मदद के लिए आगे नहीं आए। वहीं लोगों का कहना था कि डकैतों के हाथ में पिस्टल थी और वे फायर कर रहे थे, ऐसे में कौन अपनी जान जोखिम में डालता। बाद में दोनों युवकों को पुलिस सदर थाने ले गई, जहां पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में उनसे जानकारी जुटाई गई। चित्तौडग़ढ़ सहित आसपास के जिलों में नाकाबंदी करवा दी गई है।
बैंक से आई गाड़ी के साथ चला गया गार्ड
जानकारी में यह भी बात सामने आई है कि सुरेश और प्रकाश नकदी लेकर बैंक की गाड़ी में एटीएम तक पहुंचे थे और सशस्त्र गार्ड भी साथ आया था, लेकिन इन दोनों को एटीएम पर छोड़कर गाड़ी के साथ गार्ड भी वहंा से चला गया। जबकि नियमानुसार नकदी डालने से पहले एटीएम का शटर बंद किया जाता है। कर्मचारी अन्दर जाकर एटीएम में नकदी डालते है और यह प्रक्रिया पूरी होने तक सशस्त्र गार्ड एटीएम के बाहर पहरा देता है, लेकिन शनिवार को यह प्रक्रिया नहीं अपनाने के कारण बदमाश डकैती की वारदात को अंजाम देने में सफल हो गए।
तीन-चार दिन से देखी जा रही थी काले शीशे लगी कार
क्षेत्र के लोगों का कहना था कि काले शीशे लगी हुई कार क्षेत्र में पिछले तीन-चार दिन से देखी जा रही थी, लेकिन किसी का भी ध्यान इस तरफ नहीं गया। शनिवार को वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश काले शीशे लगी कार लेकर ही एटीएम के पास पहुंचे थे।
नकाबपोश नहीं थे डकैत
प्रत्यक्षदर्शियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि डकैती को अंजाम देने वाले बदमाशों के चेहरे खुले हुए थे। उनके चेहरों पर नकाब नहीं था, इसलिए भी लोगों को उन पर शक नहीं हुआ। लेकिन अचानक हुए फायरिंग के धमाकों से आसपास के लोग खौफजदा हो गए और कोई भी डकैतों को ललकारने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
लॉरी वाला बोल, मैं तो खड़ा हो गया था
एटीएम के ठीक सामने आलू टिकिया की लॉरी लगाने वाले व्यक्ति का कहना था कि उसे वारदात के बारे में तो कुछ पता नहीं चला, लेकिन गोली चलने से हुए धमाके से वह डर कर एकदम खड़ा हो गया, जब तक डकैत कार में बैठकर भाग छूटे थे।