अरसे से नहीं खुले स्वास्थ्य केन्द्र के ताले


चिकित्सा विभाग की अनदेखी के हाल
नकोर व भैरुघाटी के हाल
प्रतापगढ़
जिले के बारावरदा क्षेत्र में सरकार की ओर से बनाए गए लाखों की लागत के स्वास्थ्य केन्द्र बंद पड़े रहते हंै। कारण कि कहीं स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति नहीं है तो कहीं स्वास्थ्यकर्मी नदारद रहते हैं। ग्राम पंचायत नकोर में उप स्वास्थ्य केंद्र कई सालों से बंद पड़ा है। यही हाल बारावरदा के नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र गांव भेरु घाटी का है।
नकोर के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई सालों से यहां पर कोई भी नर्स या एएनएम नहीं बैठती। इन दिनों क्षेत्र में वैसे ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप चल रहा है। ग्रामीणों को छोटी मोटी बीमारी के लिए जिला चिकित्सालय जाना पड़ता है। यहां पर प्राइवेट चिकित्सक की कम से कम 5 दुकानें हैं। यहां के ग्रामीणों को पैसा देकर इलाज करवाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कहीं बाहर ग्राम पंचायत की रात्रि चौपाल में भी समस्या को उठाया गया, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। सरकार की कल्याणकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। महिलाओं के स्वास्थ्य कार्ड और ममता कार्ड गर्भवती महिलाओं के डिलीवरी वाली महिलाओं का ममता कार्ड भी ऑनलाइन नहीं हो रहे। इससे उनको मिलने वाली राशि नहीं मिल रही है। पूर्व सरपंच धनराज मीणा ने बताया कि बच्चों को लगने वाले टीके भी समय पर नहीं लगते हैं। पूर्व सरपंच मीणा ने आरोप लगाया कि एएनएम गत करीब 5 सालों से यही है लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं सही नहीं दे रही है।
गांवों में हर घर में बीमार, इलाज का नहीं कोई उपाय
बारावरदा.क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का जबरदस्त प्रकोप है। हर गांव में घर-घर में मरीज मिल जाएंगे। गांव भैरव घाटी के दर्जनों ग्रामीण बीमारी की चपेट में है। गांव में सरकारी सुविधा नहीं होने के कारण निजी डॉक्टरों से इलाज करवा रहे हैं। भेरुघाटी में मलेरिया सहित अन्य प्रकार की बीमारियों से हर घर में एक ना एक व्यक्ति बीमार पाया गया है। बारिश होने के कारण मच्छरों का भी काफी प्रकोप है जिससे बीमार व्यक्तियों की संख्या अधिक बढ़ रही हैं। ग्राम पंचायत बारावरदा के राजस्व गांव तलाया में 5 साल पहले निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल की तो तो पता चला की वहां पर भी ना ही किसी डॉक्टर या नर्स की ड्यूटी लगाई गई है और ना ही कभी स्वास्थ्य केंद्र आमजन के लिए खोला गया है। दससे ग्रामीणों में काफी रोष की स्थिति बनी हुई है।

भेरुघाटी तलायां के उप स्वास्थ्य केन्द्र पर कई सालों से ताला, भटक रहे मरीज
बारावरदा के नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र गांव भेरु घाटी में लाखों रुपए की लागत से बनाया गया भवन आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। यहां अब तक किसी डॉक्टर या नर्स की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। यहां तक कि ग्रामीणों को यह तक नहीं पता कि स्वास्थ्य केन्द्र के खुलने या बंद होने का समय क्या है।
जांच कर होगी कार्रवाई
क्षेत्र में कोई उप स्वास्थ्य केन्द्र बंद है, इस प्रकार की जानकारी ध्यान में नहीं है। बंद केन्द्रों को दिखवाया जाएगा।कहीं मौसमी बीामरियां अधिक है तो वहां टीम भेजकर उपचार कराया जाएगा।
डॉ. मयूर खंडेलवाल, प्रभारी, सीएचसी, बारावरदा