अब ताले से बाहर निकलकर आएगी मेडिकेटेड मच्छरदानियां

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से करीब डेढ़ माह पूर्व आई मेडिकेटेड मच्छरदानियों का जाल अब मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में बिछेगा। जिसके चलते मलेरिया विभाग ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। जिन क्षेत्रों में मच्छरदानियों का वितरण होगा, उन क्षेत्रों से संबंधित आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि मच्छरदानियों का वितरण करने के बाद वे उनका दुरूपयोग तो नहीं होरहा इसकी मॉनिटरिंग करेंगी।
13 से 20 फरवरी के बीच होगा मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण
बतादें की मलेरिया की रोकथाम के लिए वर्ष 2015 में शासन द्वारा मेडिकेटेड मच्छरदानी वितरण करने का निर्णय लिया था। जिसके तहत प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे के आधार पर करीब तीन साल बाद दिसंबर 2018 में मच्छरदानियां जिले में आ तो गई थी, लेकिन वितरण की तारीख तय नहीं होने के कारण पिछले डेढ़ माह से ताले में बंद थी। ऐेसे में कहीं ताले में बंद मच्छरदानियां यूं ही अपना वजूद नहीं खो दे, इस कारण जिम्मेदारों ने मेडिकेटेड मच्छरदानियों को देर से ही सही, लेकिन अब वितरण का मन बना लिया है। जिले के प्रभावित क्षेत्रों में 13 फरवरी से 20 फरवरी तक मच्छरदानियों का वितरण किया जाएगा।
पहले बटेगा टोकन, फिर मिलेगी मच्छरदानियां
जिले के जिन मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकेटेड मच्छारदानियों का वितरण होगा, उन क्षेत्रों में संबंधित आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि को मलेरिया विभाग की टीम द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कि किस प्रकार से मच्छरदानियों का वितरण करना है, ताकि मच्छरदानियां पात्र हितग्राहियों को मिल भी जाए और वे उनका उपयोग भी करें। इसके लिए पहले पात्र हितग्राहियों को टोकन दिए जाएंगे, फिर निर्धारित तिथि पर बुलाकर उन्हें मच्छरदानियां दी जाएगी। जिस क्षेत्र में मच्छरदानियों का वितरण होगा, उस क्षेत्र के बीएमओ द्वारा डिस्ट्रीब्यूशन करवाया जाएगा।
मनासा, डीकेन के इन गांवों में वितरण होगी मच्छरदानियां
चांवडिया क्षेत्र के गांव-पाडलिया, भदवा देवरिया, बधावा, सांधा, जेतपुरा, डोराई, मुकेरा, चांवडिया।
कोज्या क्षेत्र के गांव- कोज्या, परिछा, रामपुरिया, रूपपुरिया, नयागांव।
बैंसला क्षेत्र के गांव-बैंसला, अमरपुरा, खिमला, भीमपुरा, बस्सी की बावड़ी, जुगल का खेड़ा।
मच्छर पास पहुंचते ही तोड़ देगा दम
मच्छरदानी उन क्षेत्रों के लिए काफी कारगर सिद्ध होगी, जिन क्षेत्रों में मच्छरों की तादात काफी अधिक है। यह दीर्घकालिक कीटनाशी मच्छारदानी का निर्माण विशेष रूप से किया गया है। इसमें जो केमिकल है उससे प्रकोप के कारण मच्छर मच्छरदानी के नजदीक आते ही दम तोड़ देगा। जिससे मलेरिया के ग्राफ में कमी आएगी। चूकि मलेरिया का मच्छर अधिकतर रात के समय काटता है। इस कारण इस मच्छरदानी के उपयोग से काफी हद तक मलेरिया पर अंकुश किया जा सकता है। मेडिकेटेड मच्छरदानियां करीब 11050 डीकेन व 2800 मच्छरदानियां मनासा प्राथमिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आए करीब डेढ़ माह से अधिक समय हो गया है। जो अब तक ताले में बंद रही। वहीं जिसको मच्छरदानी दी जाएगी, उनके राशन कार्ड पर एक सील लगा दी जाएगी। ताकि दोबारा से मच्छरदानी लेने कोई नहीं आए।
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा मानदेय
मेडिकेटेड मच्छरदानियां स्माल, मीडियम और लार्ज तीन साईजों में वितरित होगी। जिसे आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा वितरण करने के लिए 10 रुपए प्रति मच्छरदानी का मानदेय दिया जाएगा। जिसमें ५ रुपए प्रारंभिक तैयारियों व वितरण के लिए व ५ रुपए वितरण के बाद मॉनिटरिंग के लिए दिए जाएंगे। यानि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मच्छरदानी वितरण के बाद लोगों को उसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगी। समय समय पर देखेंगी कि मच्छरदानी कहां कैसी अवस्था में है, उसका दुरूपयोग यानि बेच तो नहीं दी, अन्य कोई उपयोग तो नहीं कर रहे, ताकि शासन की मंशा के अनुसार जिले को मलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
वर्जन.
मच्छरदानियों के वितरण की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसे 13 फरवरी से 20 फरवरी के बीच वितरण किया जाएगा। जिसके तहत प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि लोग उसका अच्छे से उपयोग करें।
-डॉ सरिता ङ्क्षसधारे, जिला मलेरिया अधिकारी, नीमच
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