अब कोरोना के साथ-साथ मौसमी बीमारियों पर भी फोकस

चित्तौडग़ढ़. जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक शुक्रवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कुमार कलाल की अध्यक्षता में आयोजित की हुई। इसमें कोरोना के अलावा चिकित्सा विभाग ने अन्य गतिविधियों के संचालन शुरू करने पर जोर दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया की वर्तमान में जिला शुन्य कोरोना संक्रमण की ओर बढ़ रहा है। जो कि बहुत बड़ी उपलब्धी है फिर भी भविष्य में सभी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय करते हुए पुन: सुचारु रूप से उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि कोरोना के साथ-साथ आने वाले समय में मौसमी बीमारियों के लिए अभी से रूपरेखा तैयार की जाए। जिससे कि बचाव किया जा सके। उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थानों पर एन्टीलार्वल गतिविधियों को सम्पादित करवाने के लिए आवश्यक सामग्री, कू्रड ऑयल, टेमिफोस, पायीरेथियम, की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात भी कही है। उन्होंने उपस्थित समस्त चिकित्सा अधिकारियों से संस्थान पर मलेरिया आदि कि जांच के लिए ब्लड स्लाईडस की संख्या में वृद्धि करने के साथ ही आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना में मरीजों का अधिक से अधिक ईलाज करने के लिए निर्देश दिए। सीएमएचओ ने राजश्री योजना, मिसिंग डिलेवरी, प्रसव पूर्व जांच के लक्ष्यों की उपलब्धता एवं कायाकल्प कार्यक्रम में सभी संस्थानो द्वारा अधिक अंक अर्जित करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। जिला औषधि भण्डार के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि कोरोना में अधिक से अधिक दवाओं विशेषकर अतिआवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। ई औषधि पर दवाओं की ऑन लाइन इन्द्राज समय पर पूर्ण करवाया जाएं। अति मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ओ.पी.कुल्हेरी ने पीपीआईयूसीडी के आवंटित लक्ष्यों की उपलब्धि एवं संस्थान पर परिवार नियोजन के समस्त साधनों की मांग जारी कर उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही । जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरीश उपाध्याय ने समस्त आंगनवाडी केन्द्रो पर माइक्रो प्लान के अनुसार टीकाकरण सत्रों का आयोजन एवं लक्षित लाभार्थियों की सूची बनाकर शत प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा ।