अपहरण कर बलात्कार के मामले में 10 वर्ष का कारावास

भीलवाड़ा.चित्तौडग़ढ़।

विशेष न्यायालय लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) 2012 के तहत ढाई साल पुराने मामले में नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में भीलवाड़ा जिले रायपुर क्षेत्र के गांव खेमाना के युवक को दोषी मानते हुए दस वर्ष की कठोर कैद व 27 हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया।

विशेष लोक अभियोजक शोभालाल जाट ने बताया कि 1 फरवरी 2017 को एक जने ने रिपोर्ट दी थी कि २९ जनवरी को वह और उसकी पत्नी खेत पर काम कर रहे थे। सुबह करीब 11 बजे उसकी बेटी को किसी काम से घर पर भेजा।

करीब तीन-चार घंटे बेटी के वापिस नहीं आने पर घर पर जाकर देखा तो वह घर पर नहीं मिली। रिश्तेदारों से पुछने पर पता चला की भीलवाड़ा जिले के रायपुर क्षेत्र के गांव खेमाना निवासी चावंडसिंह उर्फ कुंदनसिंह सिंह राजपूत उसे ले गया। ऐसे में उसके खिलाफ नाबालिग पुत्री के अपहरण का मामला दर्ज कराया।

राशमी पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। पीडि़ता को दस्तयाब कर उसके बयान लिए। पुलिस को दिए बयानों में पीडि़ता ने बताया कि आरोपी से उसकी पहचान उसके ननिहाल में हुई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और 29 जनवरी 2017 को उसे साथ बाइक पर बिठा ले गया।

बाद में उसे मुंबई ले जाकर वहां एक कमरे में बंधक बनाकर रखा और दुष्कर्म किया। पुलिस ने अनुसंधान कर न्यायालय में चालान पेश किया। पीठासीन अधिकारी ने उभय पक्षों को सुनने के बाद आरोपी चावंडसिंह उर्फ कुंदनसिंह को दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं में 10 वर्ष का कठोर कारावास व 27 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।