अनजान और संदिग्ध करें कॉल तो तत्काल पुलिस थाने में दें सूचना

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

शहर-देहात में बढ़ती ठगी की घटनाओं को लेकर जिला पुलिस राजसमंद ने चेतावनी जारी की है। इसमें जिला पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव ने कहा कि सिर्फ तीन बातों का ख्याल रखें, तो कई हद तक ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं। पहली बात किसी भी अज्ञात व्यक्ति को खुद का नाम, पता, पिता का नाम, बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन सरीखी कोई जानकारी नहीं दें। दूसरी बात यह है कि फोन या ई-मेल, सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति लॉटरी या ईनाम का झांसा दें, तो उसका तिरस्कार करें। तीसरी महत्त्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति बार बार कॉल करें अथवा वाट्सएप, फेसबुक पर इस तरह के मैसेज डाले, तो उसके बारे में थाने में रिपोर्ट दें अथवा उसके नम्बरों को ब्लॉक कर दें, ताकि स्वत: इस तरह की ठगी से बचा जा सकता है।

इसलिए पुलिस के लिए मुश्किल
फर्जी कॉल गिरोह के सदस्य हर ठगी को नित नए मोबाइल नम्बर से कॉल करते हैं। ठगी का शिकार होते ही सीम के साथ मोबाइल को ही तोड़ देते हैं, जिससे पुलिस के लिए लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल रहता है। इसी कारण से पुलिस के लिए मुख्य आरोपित तक पहुंचना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन हो जाता है। साथ ही पीडि़त के तत्काल पुलिस थाने में नहीं पहुंचना की वजह से पुलिस तहकीकात प्रभावित हो जाती है।

यहां करें पुलिस को शिकायत
जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष के 100, 02952-220712, या 93520-04003, जिला पुलिस के वाट्सएप नंबर 87648-54100 पर शिकायत की जा सकती है। राजसमंद के 02952-220005, नाथद्वारा के 02953-231910, देवगढ़ थाने के 02904-252010, आमेट थाने के 02908-230110 है।

ऑनलाइन भुगतान के सुरक्षा उपाय
बैंक अधिकारियों का कहना है कि ग्राहक के खाते को सुरक्षित रखने के लिए बैंक ने कई उपाय किए हैं। इंटरनेट बैंकिंग के दौरान आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम कार्ड के पीछे दर्ज विशेष कोड भरने होते हैं। सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया भी ग्रिड कार्ड देता है। उसकी अवधि एक साल होती है। इसमें भी एबीसीडी के साथ विशेष नंबर होते हैं। यह डाले बिना ट्रांजेक्शन नहीं होती। एसबीआई और आईडीबीआई आदि बैंकों में ट्रांजेक्शन के लिए वनटाइम पासवर्ड मोबाइल पर आता है। उसके बिना ट्रांजेक्शन नहीं होती है।