अनजाने में किए गए पाप का फल भी मनुष्य को भुगतना पडता है – सत्यनारायण शर्मा

मेवाड़ किरण @ नीमच -

अपना मनासा @ भरत कनेरिया
मनुष्य द्वारा अनजाने में किए गए पाप का फल भी मनुष्य को भुगतना पडता हैं। जिस प्रकार महादानी राजा नृग द्वारा भुलवश एक ही गाय का दो बार दान करने पर अगले जन्म गिरगिट के रूप में जन्म लेना पडा। जबकि कलयुग में मनुष्य जानबुझकर पाप पर पाप किए जा रहा है। जिसका फल बहुत ही भयंकर एवं विनाशकारी होता हैं। मनुष्य द्वारा भुलवश किए गए पाप के कारण भी राजा नृग के समान जीवन बिताना पडेगा। जबकि आज तो कलयुग में मनुष्य पहले से ही गिरगिट बना हुआ है न जाने कितने पापों को अपनी झोली में डालता जा रहा हैं। गिरगिट के समान रंग बदलकर अपने पाप का गढा भरता जा रहा हैं। श्रीमद भागवत के शरण में जाने पर ही मनुष्य अपने पापों को समाप्त कर सकता है जिसके लिए मनुष्य को समर्पण के साथ श्री मद भागवत कथा का श्रवण करना पडेगा। यह बात गांव नलखेडा में शर्मा परिवार द्वारा चारभुजा नाथ मंदिर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के दौरान पंडित सत्यनारायण शर्मा ने उपस्थित श्रोताओं से कही। वही आप ने कथा के अंतिम दिन कहा कि सारों पापों का विनाश श्रीमद भागवत कथा है जो इनके श्रवण मात्र से मनुष्य के सारे पाप समाप्त हो जाते हैं।
-बैंडबाजों के साथ निकाली पोथी यात्रा
वही कथा के अंतिम दिन महाप्रशादी से पुर्व पुरे गांव में बैंड बाजों के साथ धुमधाम से पोथी यात्रा निकाली गई। जिसमें बडी संख्या में महिला पुरूष नृत्य करते हुए चल रहे थे। वही जगह जगह पोथी यात्रा का ग्रामीणों द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।

Source : Apna Neemuch