अटलजी के निधन से स्थगित हुई कांग्रेस की सद्भावना यात्रा

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच/जावद. पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के निधन की जानकारी मिलते ही पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने अपनी 105 किलोमीटर की प्रस्तावित सद्भावना यात्रा धर्मस्थल सावरकुंड में ही स्थगित कर दी। विदित हो कि 24 अगस्त सद्भावना यात्रा पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचने वाली थी।
जावद से शुरू हुई थी पदयात्रा
15 अगस्त को पदयात्रा के पहले दिन जावद में पड़ाव रहा। पूरे रास्ते में पूर्व सांसद को आमजन के साथ ही महिलाओं का भी अपार समर्थन मिला। पदयात्रा के दौरान जावद में आयोजित सभा में उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि देश में किसान को हक मांगने पर गोली चलाई जा रही है। युवा बेरोजगार होकर घूमने पर मजबूर हैं। मासूमों के साथ अत्याचार हो रहे हैं। मीनाक्षी ने आगे कहा कि 70 साल में कांग्रेस ने देश में सद्भावना बहाल की। अब सद्भावना व समभाव का माहौल मोदीजी चार साल में ही खत्म करने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए बेहद जरूरी है कि समाज में सद्भावना का वातावरण रहे। पूर्व सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान परेशान, युवाओं को रोजगार नहीं, महिलाएं असुरक्षित हैं और सर्वधर्म समभाव की भावना रखने वाले देश में सद्भावना मर रही है। ऐसे में हमें सद्भावना की बहाली के लिए सद्भावना पदयात्रा निकाली पड़ रही है। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजीत कांठेड़ ने कहा कि पूर्व सांसद ने जो सद्भावना पदयात्रा शुरू की है इसके पीछे सिर्फ समाज में सद्भावना की वापसी का मकसद है। इस मौके पर पूर्व जनपद अध्यक्ष सत्यनारायण पाटीदार ने भाजपा विधायक पर बरसते हुए कहा कि विधायक ने वाटिका के नाम से करोड़ों की जमीन अपने कब्जे में कर ली है। वहीं विकास के नाम पर जावद को 15 सालों में कुछ नहीं दिया। विधायक ने क्षेत्र के युवाओं को रोजगार देने के नाम पर भाजपा के बड़े नेताओं के साथ हिस्सेदारी कर किसानों की जमीन पर करोड़ों का प्लांट खड़ा कर दिया। इससे जावद के युवाओं को तो रोजगार नहीं मिला बल्कि उन्हें पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। विधायक सखलेचा की इस अन्याय पूर्ण नीति को अब जावद क्षेत्र की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। पूर्व सांसद लगातार किसानों युवाओं की लड़ाई लड़ रही है। सभा को कांग्रेस नेता राजकुमार अहीर, समंदर पटेल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष नंदकिशोर पटेल, जिला पंचायत सदस्य मधु बंसल सहित कई कांग्रेस नेताओं ने भी संबोधित किया। इस पदयात्रा में मीनाक्षी के साथ युवा कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष सोमिल नाहटा, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धीरज व्यास, सुरेश शर्मा, रतनगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष बनवारीलाल सोनी, नगर परिषद अध्यक्ष सारिका बाबा बोहरा आदि सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
सुवाखेड़ा में निकाली सद्भावना रैली
गुरुवार को पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन की सद्भावना यात्रा ग्राम सुवाखेड़ा पहुंची। यात्रा का ग्राम में प्रवेश में कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। गांव के जिस मार्ग से होकर यात्रा गुजरी लोगों ने पूर्व सांसद का आत्मीय स्वागत किया। गांव में एक स्थान पर नटराजन ने सभा को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में न किसान सुरक्षित हैं और न ही माताएं बहनें। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। इस सरकार को अब उखाड़ फेंकने का समय आ चुका है। ग्राम सुवाखेड़ा में गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे पदयात्रा पहुंची थी। सुबह करीब 8.30 बजे जावद से पूर्व सांसद की पदयात्रा प्रारंभ हुईथी। ग्राम बरखेड़ा कामलिया होते हुए यात्रा ग्राम सुवाखेड़ा पहुंची थी। यहां से यात्रा धर्मस्थल सावरकुंड पहुंची और नटराजन ने पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की। इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री के निधन की जानकारी मिलने पर कांग्रेसजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद नटराजन ने आगामी योजना तक पदयात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया। पदयात्रा 18 अगस्त तक के लिए स्थगित की गई है।