अजमेर से दस लाख रूपए व पिस्टल चुरा कर भागे नौ आरोपियों को निम्बाहेड़ा में दबोचा


चित्तौडग़ढ़. अजमेर में जयपुर रोड़ पर शुक्रवार को एक कार के कांच तोड़कर दस लाख रूपए की नकदी व पिस्टल लेकर भागे नौ आरोपियों को चित्तौडग़ढ़ जिले में निम्बाहेड़ा की कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार शाम गिरफ्तार कर लिया। गैंग का सरगना सणमुगम बस में बैठकर भोपाल की तरफ भाग छूटा। पकड़ी गई गैंग तमिलनाडू की है, इससे भाषा सम्बन्धी समस्या के चलते पुलिस को अनुसंधान करने में परेशानी आ रही है।
पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल ने बताया कि अजमेर में शुक्रवार को जयपुर रोड़ स्थित एक होटल के सामने खड़ी कार के कांच फोड़कर उसमें रखे दस लाख रूपए और एक पिस्टल चोरी हो गई थी। कुछ आरोपी वहां सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कार के कांच फोड़ते नजर आए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अजमेर में दिन-दहाड़े हुई इस वारदात के बारे में जानकारी मिलने पर निम्बाहेड़ा कोतवाली प्रभारी हिमांशुसिंह राजावत को जोधपुर से इन्दौर जाने वाली यात्री गाड़ी में तलाशी लेने के निर्देश दिए। राजावत ने जाप्ते सहित निम्बाहेड़ा रेलवे स्टेशन पर यह गाड़ी पहुंचते ही घेराबंंदी करते हुए हुलिए के आधार पर नौ आरोपियों को दबोच लिया। इन आरोपियों को पुलिस निम्बाहेड़ा कोतवाली लेकर पहुंची। पुलिस की ओर से की गई शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने अजमेर में वारदात करना कबूल कर लिया है। वारदात को अंजाम देने वाला यह गिरोह तमिलनाडू का होने के कारण पुलिस को भी अनुसंधान में परेशानी आ रही है। यहां पुलिस पूछताछ में पता चला है कि गिरोह का सरगना सणमुगम अजमेर से चुराई गई राशि में से सात लाख रूपए लेकर मध्यप्रदेश के भोपाल की तरफ भाग गया है। इस संबंध में मध्यप्रदेश पुलिस को सूचित कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोना-चांदी के सिक्के व २.२७ लाख रूपए बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, लेकिन उनके तमिल भाषा में बोलने से पुलिस को अनुसंधान में परेशानी आ रही है।
पैनी नजर से बच नहीं पाए आरोपी
पुलिस अधीक्षक ने जोधपुर-इन्दौर यात्री गाड़ी के निम्बाहेड़ा पहुंचने से पहले ही निम्बाहेड़ा कोतवाली प्रभारी राजावत को निर्देश दे दिए थे। राजावत ने निम्बाहेड़ा रेलवे स्टेशन पर पुलिस का ऐसा जाल बिछाया कि गाड़ी में सवार आरोपी पुलिस की पैनी नजर से बच नहीं सके। पुलिस इतनी सजग रही कि आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिल पाया। रेलवे स्टेशन पर अचानक हुई इस कार्रवाई को वहां मौजूद लोग एक बारगी तो समझ ही नहीं पाए। आरोपियों को कोतवाली लाने के बाद मामले की जानकारी लेने के लिए कोतवाली के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई।