अजब एमपी गजब एमपी-तीन विद्यार्थी और पढ़ाने वाले दो शिक्षक

मंदसौर.
जिले में करीब १ से डेढ़ हजार शिक्षकों की कमी है। यह सरकारी आंकड़े बंया कर रहे है। इस कमी को दूर करने के लिए अतिशेष शिक्षकों को चिह्ंित कर वहां पर पदस्थापना की जा रही थी जहां पर शिक्षकों की कमी है। लेकिन इस साल ऐसी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। जिसके चलते कई स्कूलो में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई नहीं मिल पा रही है तो कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या दस से भी कम है तो वहां पर दो शिक्षक है। ऐसे में विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण बेस लाइन टेस्ट है। जिसमें ९वीं कक्षा के ७५ फीसदी विद्यार्थियों को आठवी तक को भी ज्ञान नहीं था।
९३ विद्यार्थी और दो शिक्षक(एमएन-०३१८-९३ विद्यार्थी और दो शिक्षक)
शासकीय प्राथमिक विद्यालय भूनियाखेडी में ९३ विद्यार्थी दर्ज है। शुक्रवार को ७३ विद्यार्थी उपस्थित थे। यहां पर दो शिक्षिकाएं इन सभी विद्यार्थियों को एक साथ बिठाकर पढ़ा रही थी। इसमें विद्यार्थियों के गु्रप भी बना रखे थे। ताकि गु्रप वाइस विद्यार्थियों को पढ़ाया जा सके। मौजूद शिक्षिकाओं ने बताया कि प्रतिदिन ८० से ८५ विद्यार्थी कक्षा मौजूद रहते है। आज कम विद्यार्थी आए है। नियम के अनुसार ३० बच्चों पर एक शिक्षक का रहना अनिवार्य है। इस मान से यहां पर कम से कम तीन शिक्षकों को होना जरूरी है।
३ विद्यार्थी और दो शिक्षक(एमएन-०३१९-तीन बच्चों को दो शिक्षक को पढ़ाते हुए)
गुराडिया दीदा के प्राथमिक स्कूल में पांच विद्यार्थी दर्ज है। इसमे से शुक्रवार को दो विद्यार्थी अनुपस्थित थे। और तीन विद्यार्थी कक्षा में बैठे थे। इसमें एक विद्यार्थी कक्षा तीसरी, एक विद्यार्थी कक्षा दूसरी और एक विद्यार्थी कक्षा चौथी का था। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि यहां पर इन तीन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक थे। जानकारी के अनुसार दर्ज पांच विद्यार्थियों में से सभी विद्यार्थी प्रतिदिन स्कूल नहीं आते है।
इनका कहना....
स्थानातंरण की पॉलिसी में अतिशेष को भी लिया गया है। अभी मेच्अुल वालोंं के स्थानातंरण हो रहे है। उसके बाद अतिशेष वालों की होने की संभावना है।
आरएल कारपेंटर, जिला शिक्षा अधिकारी।